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Bihar Politics: भरत तिवारी एनकाउंटर पर CM सम्राट चौधरी बोले- पुलिस से हुई चूक, दोषियों पर कार्रवाई

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस से चूक की बात कही है। उन्होंने न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और परिवार को सहायता देने की बात कही।

पटना, 19 सितंबर 2026 | Alam Ki Khabar: भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की मौत से जुड़े पुलिस मुठभेड़ मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि घटना में पुलिस से चूक हुई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, घटना के 48 घंटे के भीतर न्यायिक कमेटी गठित की गई थी और जांच में पुलिस की चूक सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब 17 जून 2026 की घटना की न्यायिक जांच की प्रक्रिया जारी है। बिहार सरकार ने मामले की जांच के लिए पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित किया था।

पुलिस की गलती पर कार्रवाई की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को काम करने की स्वतंत्रता दी जाएगी, लेकिन पुलिस की किसी चूक को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, जांच में पुलिसकर्मियों की गलती सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

भरत तिवारी मामले में क्या हुआ था

17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल उठे और सरकार ने स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया।

जांच आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा कर रहे हैं। आयोग ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ संबंधित लोगों से जानकारी और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की थी।

पुलिस और स्थानीय पक्ष के दावों में अंतर

मामले में घटना के दौरान क्या हुआ, इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ स्थानीय लोगों और परिवार की ओर से दावा किया गया कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था। दूसरी ओर पुलिस का पक्ष रहा कि उन्होंने हथियार निकाला था। इन दावों की वास्तविकता का निर्धारण न्यायिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना है।

परिजनों के लिए सहायता की बात

मुख्यमंत्री ने भरत तिवारी के परिवार के प्रति सरकार की सहायता संबंधी प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अपराध से जुड़े मामलों में आरोपी की जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर कार्रवाई में अंतर नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

AK-47 फायरिंग मामले पर भी जांच का जिक्र

छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले की समीक्षा के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

भरत तिवारी मामले में न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल करना है। आयोग की जांच और उसके निष्कर्ष इस मामले में आगे की कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद इस मामले में पुलिस की भूमिका और जांच की अगली कार्रवाई को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

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भोजपुर में भरत तिवारी मामले की न्यायिक जांच, घटनास्थल से लेकर गवाहों के बयान तक की पूरी जानकारी Alam Ki Khabar पर पढ़ें।

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